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पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन

26.02.2025

 

पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                             

 प्रारंभिक परीक्षा के लिए: पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन के बारे में, आंदोलन का प्रभाव

 

खबरों में क्यों?

हाल ही में, पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह के सम्मान में 23 फरवरी को पगड़ी संभाल दिवस के रूप में मनाया।

 

पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन के बारे में:

  • इसकी शुरुआत 1907 में अजीत सिंह ने अंग्रेजों द्वारा लगाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में की थी ।
  • 'पगड़ी संभाल जट्टा' का शाब्दिक अर्थ है 'हे किसान, अपनी पगड़ी का ध्यान रखना', और यह आत्मसम्मान और प्रतिष्ठा का आह्वान करता है।
  • “पगड़ी संभाल जट्टा” का नारा राष्ट्रवादी कवि बांके दयाल ने गढ़ा था और यह प्रतिरोध का प्रतीक बन गया।
  • ये तीन कानून थे: पंजाब भूमि अलगाव अधिनियम, 1900; पंजाब भूमि उपनिवेशीकरण अधिनियम, 1906; और दोआब बारी अधिनियम, 1907।
  • पंजाब भूमि अलगाव अधिनियम ने किसानों के अपनी ज़मीन को बेचने या गिरवी रखने के अधिकारों को प्रतिबंधित कर दिया। इसने साहूकारों और जमींदारों का पक्ष लिया, जिससे किसानों के लिए कर्ज से बच पाना मुश्किल हो गया।
  • पंजाब भूमि उपनिवेशीकरण अधिनियम ने नव विकसित चिनाब कॉलोनी (अब पाकिस्तान में) में भूमि स्वामित्व पर ब्रिटिश नियंत्रण प्रदान किया । किसानों को अपनी भूमि अपने उत्तराधिकारियों को देने के बजाय मृत्यु के बाद ब्रिटिश सरकार को हस्तांतरित करनी पड़ती थी।
  • अजीत सिंह और किशन सिंह (भगत सिंह के पिता) ने किसानों के लिए एक क्रांतिकारी समूह भारत माता सोसाइटी का गठन किया।
  • लाला लाजपत राय और अन्य नेताओं ने भी आंदोलन का समर्थन किया।

 

    • दोआब बारी अधिनियम, 1907 ने भी किसानों से उनकी भूमि पर मालिकाना हक छीन लिया, तथा उन्हें प्रभावी रूप से ठेका मजदूर बना दिया।
    • इसके साथ ही अंग्रेजों ने कृषि भूमि और सिंचाई के लिए पानी पर कर बढ़ा दिया, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। कई छोटे किसान और किसान कर्ज में डूबने को मजबूर हो गए।

आंदोलन का प्रभाव:

  • पगड़ी संभाल जट्टा ब्रिटिश शासन के खिलाफ पहले प्रमुख किसान आंदोलनों में से एक था, जिसने पंजाब में भविष्य के प्रतिरोध की नींव रखी।
  • इस आंदोलन के कारण बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हो गए। भारी दबाव के कारण ब्रिटिश सरकार को कानूनों की कुछ दमनकारी धाराओं को वापस लेना पड़ा।
  • इस आंदोलन ने भविष्य के विरोधों को प्रेरित किया, जिसमें ग़दर आंदोलन और भगत सिंह की क्रांतिकारी गतिविधियाँ शामिल थीं।

                                             स्रोतः इंडियन एक्सप्रेस

 

पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित पर विचार करें:

1. इसकी शुरुआत पंजाब में अंग्रेजों द्वारा लगाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में की गई थी

2. इसकी शुरुआत भगत सिंह ने इस आंदोलन को "पगड़ी संभाल जट्टा" का नारा देकर की थी।

3. इसका समर्थन प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय ने किया था।

 

उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

A.केवल एक

B.केवल दो

C.तीनों

D.कोई नहीं

 

उत्तर B

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