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ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई)

05-03-2024

ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई)              

प्रारंभिक परीक्षा के लिए: ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के बारे में, महत्वपूर्ण बिंदु, 22वें स्थापना दिवस का विषय, ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा की गई प्रमुख पहल

    खबरों में क्यों ?

   हाल ही में माननीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, श्री आर.के. सिंह ने नई दिल्ली में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) के 22वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया।

 

महत्वपूर्ण बिन्दु:

  • ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के 22वें स्थापना दिवस समारोह में ऊर्जा परिवर्तन में ई-मोबिलिटी की भूमिका और डीकार्बोनाइजेशन में भारतीय कार्बन बाजार की क्षमता पर विचार-विमर्श किया गया।
  • 1 मार्च, 2024 को नई दिल्ली में आयोजित इसके मुख्य कार्यक्रम में सरकार और उद्योग के हितधारकों को आमंत्रित किया गया।
  • 22वां फाउंडेशन दिवस के अवसर पर ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के दो मानक और लेबलिंग कार्यक्रम लॉन्च किया गया।
    • एक पैकेज्ड बॉयलर के लिए और दूसरा वाणिज्यिक पेय कूलर के लिए, जिसे विसी कूलर (या पेय कूलर) भी कहा जाता है।
    • पैकेज्ड बॉयलर एक फैक्ट्री-निर्मित रेडी-टू-यूज़ बॉयलर है, जिसका उपयोग सभी प्रक्रिया उद्योगों के लिए भाप और गर्म पानी की आवश्यकता के लिए किया जाता है।

22वां फाउंडेशन दिवस की थीम :

  • 22वां फाउंडेशन दिवस की थीम "भारत में विद्युतीकरण और डीकार्बोनाइजेशन के माध्यम से ऊर्जा परिवर्तन" रखी गई है।

ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के बारे में :

  • ऊर्जा दक्षता ब्यूरो की स्थापना भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत की गई है।
  • इस संगठन की स्थापना मार्च 2002 में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम 2001 के प्रावधानों के तहत किया गया था।
  • यह एक वैधानिक निकाय है।
  • इसका प्रमुख उद्देश्य ऊर्जा दक्षता की सेवाओं को संस्थागत रूप देना है जिससे देश के सभी क्षेत्रों में ऊर्जा दक्षता के प्रति जागरूकता उत्पन्न हो
  • इस संगठन का प्रमुख कार्य ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों और रणनीतियों को विकसित करके भारत में ऊर्जा के कुशल उपयोग को प्रोत्साहित करना है।

ऊर्जा दक्षता ब्यूरो का महत्व :

  • बीईई एक ऐसा संगठन है जिसने हमारे कार्बन भार को काफी कम कर दिया है। बीईई के प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत की ऊर्जा खपत में लगभग 3.5% की कमी आई है।
  • बीईई के कारण ही है कि भारत सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता को कम करने के अपने एनडीसी लक्ष्य को लक्ष्य से 11 साल पहले हासिल कर चुका है।

ऊर्जा दक्षता ब्यूरो की गई प्रमुख पहल :

  • मानक और लेबलिंग योजना।
  • ऊर्जा संरक्षण भवन कोड।
  • बड़े उद्योग में ऊर्जा दक्षता।
  • लघु और मध्यम उद्योग में ऊर्जा दक्षता।
  • भारत में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) द्वारा राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक जारी करना।
  • राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार।
  • जागरूकता अभियान: बीईई ऊर्जा दक्षता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाता रहता है।
  • मांग पक्ष प्रबंधन (डीएसएम): ऊर्जा दक्षता ब्यूरोविभिन्न रणनीतियों के माध्यम से ऊर्जा मांग के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करता है।
  • प्रदर्शन, उपलब्धि और व्यापार (पीएटी): यह कार्यक्रम ऊर्जा-गहन उद्योगों को लक्षित करता है और उन्हें विशिष्ट ऊर्जा-बचत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

  स्रोत: पीआईबी

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